बुरा वक़्त इंसान को कितना समझदार और संतोषी बना देता है। घर के अन्दर ज़रूरतों के बोझ से दबा एक आँसू ज़मी... बुरा वक़्त इंसान को कितना समझदार और संतोषी बना देता है। घर के अन्दर ज़रूरतों के बो...
सुधीर और रघु की दोस्ती की कहानी...। सुधीर और रघु की दोस्ती की कहानी...।
हाँ भाईसाहब!मैं: साहब इक रीढ़ की अत्यंत आवश्यकता है. हाँ भाईसाहब!मैं: साहब इक रीढ़ की अत्यंत आवश्यकता है.
मुर्गे चोंच मारते हैं, बिल्लियाँ खरोंचती हैं, बिच्छू-बूटी से खुजली और जलन होती है! मुर्गे चोंच मारते हैं, बिल्लियाँ खरोंचती हैं, बिच्छू-बूटी से खुजली और जलन होती ह...
जहाँ वो आज भी रहता है और जहाँ से उसकी भूरी काली आंखें आज भी झांकती है..... जहाँ वो आज भी रहता है और जहाँ से उसकी भूरी काली आंखें आज भी झांकती है.....
मुझे इस समय का याद हीं नही दिलाएंगे अपने आपको पीछे होने का अहसास भी दिलाएँगे। मुझे इस समय का याद हीं नही दिलाएंगे अपने आपको पीछे होने का अहसास भी दिलाएँगे।